झालरापाटन। नगरपालिका चुनाव में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस में असंतोष खुलकर सामने आ गया है। टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस के आधा दर्जन निवर्तमान पार्षदों ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देकर आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया। नाराज पार्षदों का आरोप है कि कई वार्डों में स्थानीय कार्यकर्ताओं से राय-मशविरा किए बिना ही प्रत्याशियों का चयन कर दिया गया और उनकी इच्छा के विपरीत दूसरे लोगों को टिकट दे दिए गए।
कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल होने वाले निवर्तमान पार्षदों में नदीम मंसूरी, अशोक पुष्पद, शकील अहमद, गीता कुमारी, मंगल गुर्जर और राजेश बेरवा के नाम बताए गए हैं। इन पार्षदों के पार्टी छोड़ने से नगरपालिका चुनाव के बीच कांग्रेस में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
पत्रकार वार्ता में लगाए आरोप
निवर्तमान पार्षद नदीम मंसूरी ने पत्रकार वार्ता कर कांग्रेस की टिकट वितरण प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वार्डों में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं से चर्चा किए बिना ही प्रत्याशियों का निर्णय किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मौजूदा छह पार्षदों के टिकट काटे जाने से कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष है।
आप ने 19 वार्डों में प्रत्याशी उतारने का दावा
नदीम मंसूरी ने बताया कि आम आदमी पार्टी नगरपालिका चुनाव में 19 वार्डों से अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। इनमें कांग्रेस के पूर्व पार्षद एवं कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के सचिव शंकरलाल रेगर भी शामिल हैं। शंकरलाल रेगर ने नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया।
कांग्रेस पर भाजपा से गठबंधन का आरोप
मंसूरी ने कांग्रेस पर भाजपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी के मौजूदा पार्षदों के टिकट काटे जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ी है। हालांकि, यह आरोप मंसूरी की ओर से लगाए गए हैं।
अध्यक्ष बनाने में आप की भूमिका का दावा
आम आदमी पार्टी में शामिल हुए नेताओं ने दावा किया कि इस बार नगरपालिका चुनाव में पार्टी की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। नदीम मंसूरी ने कहा कि चुनाव परिणाम के बाद नगरपालिका अध्यक्ष बनाने में आम आदमी पार्टी निर्णायक भूमिका निभा सकती है। छह निवर्तमान पार्षदों के पाला बदलने के बाद झालरापाटन में मुकाबला और अधिक रोचक होने के साथ ही कांग्रेस के सामने अपने असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को साधने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।






